हे भगवान धरती माता की गोद में हमारे लिए जगह नहीं है। फिर क्यों भेज रहे हो हमें धरती में??

हे भगवान धरती माता की गोद में हमारे लिए जगह नहीं है। फिर क्यों भेज रहे हो हमें धरती में?

(यामना टी ) नकोदर 23 फरवरी आज नूर महल रोड रेलवे फाटक के पास एक खाली प्लाट में 20 30 से ज्यादा पशुओं को जमींदारों ने घेर लिया और उन्हें ट्राली में चढ़ाकर कोई कन्या विलेज शाहकोट में गौशाला में छोड़ने का प्रयास कर रहे थे। यह बेजुबान जानवर बहुत ही डरे हुए थे क्योंकि उन्हें रस्सी डालकर पकड़ा जा रहा था ।
कौन जिम्मेदार है इस बढ़ते हुए जानवरों का??
कहते हैं हिंदू गां को माता मानते हैं मुस्लिम और इसाई इने भोजन, लेकिन आजकल देखा जाए तो ना ही हिंदू इन को देखते हैं और ना ही मुस्लिम। इन जानवरों का ख्याल रखने के लिए कोई भी नहीं है ।
जब एह भूखे प्यासे खेतों में जाते हैं फसल खराब करते हैं तो किसान इन्हें जख्मी कर देते हैं । हैरान की बात यह है कि इनको use करके दूसरे शहर में ट्राली में डालकर छोड़ दिया जाता है।
इसी तरह यह लोग पशुओं को एक शहर से दूसरे शहर में छोड़ देते हैं।
जबकि सरकार cow cess, अंग्रेजी शराब ,बीयर, देसी शराब और गाड़ियों का टैक्स जानवरों के नाम पर काटते है।
इसके उपाय यह है कि सरकार या प्रशासन को चाहिए हर एक विलेज और सिटी में इनकी निगरानी रखा जाए। विलेज के हर एक घर के पशुओं की गिनती की जाए और उनके रिकॉर्ड रखा जाए। हर एक विलेज या सिटी के डायरी में कितने पशु रखा गया है उसका रिकॉर्ड रखा जाए। और इनके कानों में सरकार की तरफ से कुछ नंबर वाले कांटे डाले जाएं जैसे हर एक गाड़ी का नंबर होता है वैसे ही हर एक पशु का भी नंबर होना चाहिए। जैसे PB08_ _ _ जिससे यह पता चल जाएगा कि यह पशु किस विलेज या किस डिस्टिक से है।
और इस कांटे में मेंशन किया जाए कि वह फीमेल है या मेल है। हर एक विलेज में पंचायती तौर पर एक व्यक्ति को सरकारी तौर पर इन की रखवाली के लिए रखा जाए।
इस बढ़ते पशुओं के गिनती की वजह डायरी वाले ही होते हैं क्योंकि इन्हे use करने के बाद वह इन्हें ट्राली में डालकर दूसरे शहरों में छोड़ जाते हैं। इसलिए इनके अगेंस्ट सख्त से सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। हर एक एरिया के पुलिस ऑफिसर को जिम्मेदारी दे दी जाए कि अगर उनके एरिया में कोई भी ट्रक भरकर पशुओं को लेके आरहे हैं तो पहले वह वेरीफाई करें और बनती कार्रवाई करें।और यूपी के सीएम की तरह पंजाब सरकार को strict एक्शन लेना चाहिए गां और पशुओं के लिए।