करोड़ों खर्च, फिर भी ओडीएफ नहीं हुए गांव(Dawn India News) 

करोड़ों खर्च, फिर भी ओडीएफ नहीं हुए गांव
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(Beuro Report) नगर परिषद उचेहरा के पूरे 15 वार्ड और जनपद पंचायत की 70 पंचायतों को शासन ने ओडीएफ घोषित कर दिया है। लेकिन हकीकत कुछ और ही है। ओडीएफ घोषित हो चुके उचेहरा कस्बा और ग्रामीण क्षेत्र के लोग आज भी खुले में शौच जा रहे हैं। स्वच्छता के नाम पर शासन ने करोड़ों रुपए बर्बाद किए, लेकिन उसका लाभ ग्रामीण क्षेत्रों में बिल्कुल भी देखने को नहीं मिल रहा है। ग्राम पंचायत से प्रति हितग्राही को 12 हजार की राशि जारी की गई है। इस राशि से शौचालय का निर्माण कराया जाना था, लेकिन उचेहरा के अधिकांश गांव में आज भी लोग खुले क्षेत्र में शौच जा रहे हैं। उनके शौचालय पूरी तरह से बनकर तैयार नहीं हुए हैं और जहां शौचालय बन गए हैं, वहां पानी की भीषण समस्या है। यही वजह है कि शौचालय निर्माण के नाम पर करोड़ों रुपए की राशि होने के बाद भी गांव ओडीएफ नहीं हो पाए हैं। उचेहरा जनपद पंचायत का शायद ही कोई ऐसा गांव होगा जिसे हम ओडीएफ की श्रेणी में रख सकते हैं।

यह हैं हालात
कई गांव में शौचालय बनकर तैयार नहीं हो पाए हैं। किसी गांव में शौचालय का निर्माण हो गया है तो उसका गड्ढा तैयार नहीं हो पाया और शौचालय से गड्ढे का कनेक्शन नहीं हो पाया। कुछ शौचालय में दरवाजे नहीं लगाए गए हैं। और तो और शौचालय निर्माण के दौरान हितग्राही से अधूरा काम पूरा कराया जाना था या उसके हिस्से की 10 फीसदी राशि जमा कराना था। लेकिन हितग्राही ने अपने हिस्से की न तो राशि जमा कराई और न ही काम पूरा किया। लिहाजा हर गांव में शौचालय पूरी तरह से बनकर तैयार नहीं हो पाए हैं और लोग खुले में शौच जाने के लिए मजबूर हो रहे हैं।

राशि नहीं मिलने का करते हैं दावा
ग्रामीण खुलेआम शासन के नुमाइंदों पर आरोप लगा रहे हैं कि शौचालय की राशि उनके खाते में आई तो जरूर लेकिन सरपंच-सचिव मिलकर उक्त राशि को डकार गए। शौचालय निर्माण पूरा करने का दावा करने वाले लोग अब गायब हो गए हैं। इसके कारण शौचालय आधे अधूरे पड़े हैं और उसका उपयोग नहीं हो पा रहा है। ग्रामीणों की मानें तो हितग्राही के खाते से आखिर राशि निकलवा कर कैसे हड़प ली गई होगी। यह समझ से परे है। पूर्व में कई ग्रामीणों को में शौचालय निर्माण के नाम पर जमकर रुपए हड़पने की शिकायतें सामने आ चुकी हैं। जिला पंचायत के अधिकारियों ने बाकायदा इसकी जांच करवाई थी। इसके बावजूद भी शौचालय निर्माण में राशि हड़पने का सिलसिला रुकने का नाम नहीं ले रही है। इसका खामियाजा ग्रामीण भुगत रहे हैं।

इन गांवों के लोग जाते हैं खुले में शौच
पिपरी कला और बिहटा में लोग खुले में शौच जाते हैं। इन हालातों से सरपंच सचिव अनभिज्ञ बने हुए हैं। इसके अलावा ग्राम पंचायत अकहा, लगरगवां, तिघरा, गोवरांव, कुलगढ़ी, श्याम नगर, परसमनिया ऐसे दर्जनों पंचायतें हैं, जहां पर लोग खुले में शौच जाते हैं।